अध्यापक पर प्रेरणादाई कविता
अध्यापक पर प्रेरणादाई कविता
अध्यापक है वह, जो अंधकार में दीप जलाए,
ज्ञान की राहों पर बच्चों को चलाए।
सपनों के आसमान को हकीकत बनाता है,
हर दिल में उत्साह और उम्मीद जगाता है।
वह केवल पढ़ाता नहीं, जीवन की राह दिखाता है,
सच्चाई, मेहनत और सच्चे लक्ष्यों का पाठ सिखाता है।
कभी वह दोस्त बनता है, कभी सख्त गुरु,
समझाता है बच्चों को, हर दर्द और दुःख दूर करता है।
कभी शरारतों को हंसी में बदल देता है,
कभी कठिन सवालों को आसानी से हल कर देता है।
उसकी बातें, उसकी बातें अमूल्य हैं,
सिखाने के तरीके, नित नए और विशेष हैं।
हर दिन, हर पल वह खुद को फिर से समर्पित करता है,
अपनी मेहनत और ज्ञान से बच्चों का भविष्य संवारता है।
पढ़ाई के साथ-साथ, वह आदर्श भी देता है,
सच्चे इंसान बनने की राह बताता है।
कभी वह मुश्किल विषयों को सरल बना देता है,
कभी बच्चों के दिल में आत्मविश्वास भर देता है।
शिक्षक का जीवन न तो आराम में है, न कोई आलस्य,
हर दिन वह नए सपनों से भरा, मेहनत में डूबा रहता है।
ज्ञान का खजाना वह अपने पास रखता है,
और बच्चों को वह खजाना बांटता है।
जब तक वह पढ़ाता है, तब तक कुछ अधूरा सा लगता है,
लेकिन जब वह सिखाता है, तो जीवन पूरा सा लगता है।
उसकी मेहनत रंग लाती है, जब बच्चा सफलता की सीढ़ी चढ़ता है,
और गुरुदक्षिणा के रूप में, वह दिल से धन्यवाद करता है।
वह न केवल पढ़ाता है, बल्कि जीवन को जीने का तरीका बताता है,
सपनों को पंख देता है, और सही दिशा में उड़ने की राह दिखाता है।
अध्यापक का कर्तव्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है,
वह समाज के निर्माण में भी बड़ा योगदान करता है।
वह हर छात्र में एक नेता, एक चैंपियन, एक इंसानियत का आदर्श देखता है,
और हर बच्चे में छुपे गुणों को उजागर करता है।
उसका हर कदम, बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है,
उसकी आवाज़, हर कक्षा में उम्मीदों की गूंज बनती है।
वह जानता है कि शिक्षा से ही समाज का उत्थान होगा,
और तभी दुनिया में बदलाव का एक सशक्त रूप आएगा।
वह कभी हार नहीं मानता, हमेशा आत्मविश्वास से भरा रहता है,
अक्सर खुद की परेशानियों को वह बच्चों से छिपाता है।
वह न केवल शिक्षा का दायित्व निभाता है,
बल्कि बच्चों की भावनाओं को भी समझता है।
जब बच्चे डगमगाते हैं, तब वह उन्हें सहारा देता है,
उनके सपनों को पूरा करने के लिए मार्गदर्शन देता है।
सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है उसका ज्ञान,
वह जीवन के असल पाठ भी बच्चों को सिखाता है।
अध्यापक जीवन का सबसे अनमोल रत्न है,
जो कभी खुद को नहीं देखता, बल्कि दूसरों के उज्जवल भविष्य को देखता है।
वह हर विद्यार्थी को अपना आत्मा मानता है,
और उनके सपनों को साकार करने में खुद को खो देता है।
वह जानता है कि वह जो बोता है, वही फलता है,
उसकी बातें बच्चों के दिलों में हमेशा चिपकी रहती हैं।
कभी उसके शब्दों से आँसू निकलते हैं, कभी हंसी छूटती है,
पर वह खुद को कभी नहीं थकता, हमेशा सीखने की प्रक्रिया में रहता है।
उसकी प्रेरणा से, बहुत से बच्चे अपने सपनों को पूरा करते हैं,
हर छात्र, अपने शिक्षक का आभार महसूस करता है।
उसकी मेहनत, उसकी लगन, किसी पुरस्कार से कम नहीं,
वह सच्चे अर्थों में एक जीवन निर्माता है, जो अनमोल है।
अध्यापक का काम सिर्फ ज्ञान देना नहीं है,
वह समाज की सोच को भी बदलता है।
उसका दिल बड़ा होता है, उसके विचार शुद्ध होते हैं,
वह हर बच्चे के लिए एक मिसाल बनता है।
कभी अपनी चिंता, अपने संघर्ष को छिपाकर,
वह बच्चों के लिए हंसी और खुशी की किरण बनता है।
उसका हर शब्द, बच्चों के दिलों में एक उम्मीद भरता है,
वह उन्हें सिखाता है कि कभी भी हार नहीं माननी चाहिए।
वह जानते हुए भी कि उसका काम कभी खत्म नहीं होता,
वह हर दिन बच्चों के जीवन में एक नई रोशनी लाता है।
अधिकार नहीं, जिम्मेदारी समझकर वह अपना कर्तव्य निभाता है,
और यही कारण है कि शिक्षक समाज का सबसे बड़ा मार्गदर्शक बनता है।
वह केवल ग़ुस्से में नहीं, प्यार में भी शिक्षा देता है,
कभी ग़लतियों से सीखने की महत्ता बताता है।
अपने छात्रों को समझाता है कि जीवन की राहें आसान नहीं होतीं,
लेकिन मेहनत, लगन और साहस से हर मुश्किल आसान होती है।
आज का शिक्षक न केवल ज्ञान का अवलोकन करता है,
वह हर बच्चे में आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार करता है।
जब वह कक्षा में आता है, हर बच्चा उम्मीद से भर जाता है,
वह हर दिन एक नई कक्षा, एक नई शुरुआत की तरह महसूस होता है।
अंत में यही कहूँगा, शिक्षक का स्थान है सबसे ऊँचा,
उसके बिना जीवन अधूरा सा लगता है,
वह जीवन को सजाने वाला, बदलाव लाने वाला होता है,
और उसकी प्रेरणा से हर छात्र असल में दुनिया बदल सकता है।
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