गरीब किसान पर कविता

किसान है वो, जो खेतों में मेहनत करता,

सूरज की किरण से लेकर रात तक काम करता।

पसीना उसकी मुसीबतों का गवाह बनता,
लेकिन फिर भी उसका चेहरा कभी नहीं बुझता।

धरती मां का बेटा, खेतों का राजा,
लेकिन गरीबी ने उसे किया है सजा।
उम्र भर की मेहनत, नसीब ने लूटी,
फिर भी वो अपने खेतों में मेहनत से जीता है रोज़ की।

न हाथ में पैसे, न घर में सुख-चैन,
मगर दिल में है उम्मीद का एक प्याला पैन।
कभी बारिश तो कभी सूखा, उसका साथी बनता,
फिर भी उसकी उम्मीद कभी नहीं डगमगाता, वह लड़ता।

रात के अंधेरे में, सोते समय भी सोचता,
क्या होगा अगले दिन, ये सवाल हर रोज़ पूछता।
क्या फसल उगाए, क्या बीज बोए,
हर कदम पर वह डरता, फिर भी सब कुछ खोए।

न घर में सुख है, न रोटी का ठिकाना,
वो किसान फिर भी नहीं खोता अपना इरादा।
अपने बच्चों के लिए, खेतों में जान लुटा देता,
उनकी हंसी की आवाज़ में अपना सपना बसा देता।

मौसम कभी नहीं करता, किसान से कोई वादा,
कभी तो सोने की उम्मीद, कभी सेब की बगिया।
लेकिन फिर भी वो उठता है हर सुबह,
खेतों में काम करने के लिए, न थकता है, न रुकता है।

गरीबी में जीता हुआ, पर हिम्मत से बढ़ता,
राहों में अंधेरे के बावजूद, वह सूरज बनकर चमकता।
उसके हौसले की कोई सीमा नहीं,
उसकी मेहनत कभी कम नहीं होती, यह कहानी है उसी की।

कभी छोटे-बड़े दुखों का सामना करता,
पर अपनी मेहनत और ईमानदारी से जीतता।
उसकी आँखों में एक सपना पलता,
वह दिन देखना चाहता है, जब उसकी तकदीर बदलता।

कभी कड़ी धूप में पसीना बहाता है,
कभी बर्फीली सर्दी में कांपता है।
मगर वह कभी हार नहीं मानता,
अपने गाँव के खेतों में रोज़ खुशियाँ बिखेरता।

वह जानता है कि उसकी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती,
उसके खेतों में सजी बुआई एक दिन सुनहरे दिन लाती।
वो गरीब किसान, जो दिन-रात काम करता,
उसकी मेहनत ही असली संपत्ति है, यही उसका धन है।

किसान की तकलीफों को न समझे कोई,
लेकिन उसकी आँखों में उम्मीद हमेशा हो।
आगे का रास्ता कभी आसान नहीं होता,
पर उसका दिल कभी हारता नहीं, वह तो हर पल बस जीतता।

फिर भी उसका सपना कभी नहीं मरता,
वह चाहता है कि उसकी भूमि पर हर कोई सुखी हो।
वह गरीब है, लेकिन उसके अंदर की ताकत,
उसे हर मुसीबत से लड़ने की प्रेरणा देती है।

किसान का जीवन सच्चाई है, यह समझो,
उसकी मेहनत से ही दुनिया में रौशनी है।
उसकी आँखों में कड़ी मेहनत का इरादा है,
वो गरीब किसान ही तो असली हीरो है, जो कभी नहीं थकता है।

अंत में यही कहना है, हर किसान का जीवन सच्चा है,
वो अपना दिन रात काम करता है, और फिर भी कृतज्ञ रहता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

करवा चौथ का व्रत/कहानी

बाप-बेटी का प्रेम

कितना स्वार्थी है मानव