शिक्षा की ओर एक कदम
प्रवेश उत्सव पर प्रेरणादायक कविता — "शिक्षा की ओर एक कदम" चलो चलें उस द्वार की ओर, जहाँ उजाला बिखरे हर छोर। सरकारी स्कूल का है ये संदेश, ज्ञान से होगा सबका परिवेश। पुस्तक, पेंसिल, सपनों का संग, शिक्षा देती जीने का ढंग। गुरुजन हैं ज्ञान के दीप, हर बालक बने भविष्य का बीज। न कोई छोटा, न कोई बड़ा, शिक्षा का अधिकार है सबका। चलो चलाएं मिलकर मुहिम, बच्चा-बच्चा बने शिक्षित। बस्ते में हो उम्मीदों की रौशनी, हर चेहरा बोले अब नहीं है कमी। सरकारी स्कूल हैं शान हमारी, यही से निकलेगी नयी सवारी। माँ-बाप, शिक्षक, समाज भी आएं, हर बालक को स्कूल पहुँचाएं। प्रवेश उत्सव है परिवर्तन की शुरुआत, चलो बनाएं शिक्षा को सबकी बात। शिक्षा का उत्सव, सबके लिए अवसर।