सूर्यास्त का दृश्य
सूर्यास्त के समय पृथ्वी
सोने के थाल में आग के फूल सजाकर
सप्तरंगी होली खेल रही हो
तब रंगों की बौछार मानो
चारो ओर बिखर रही हो
पृथ्वी के नयन पर
काजल की कोर उकेर रहे दी हो
सूर्यास्त के समय......
चारों ओर नीरव शांति फैल रही
दूर कहीं ...............
आकाश में पक्षियों का झुंड
पंखों की फड़फड़ाहट से
आकाश में मधुर ध्वनि फैला रहे हो
इसी समय............
समुंद्र भी शीतल हवा से
पृथ्वी के तृप्त-हृदय में शीतलता भेंट कर रही हो।
पूरे भारतवर्ष की.........
थकी-हारी किरणे विश्राम कर ही हो
दूर कहीं से.......
गाय अपनी मंद-मंद गति से
घर की ओर प्रस्थान कर रही हो
इसी समय दूर कहीं से उड़ते हुए
पक्षियों के झुंड का सरस कोलाहल
सूर्यास्त का विदाई गीत गा रहा हो
आसमान में उड़ती हुई रज-कण
केसर कणो के समान प्रतीत हो रही है
प्रकृति मानो शांति का अभिषेक कर रही हो
टिप्पणियाँ